वाराणसी में 1995 से भाजपा का मेयर की सीट पर है कब्जा मेयर की सीट हुई सामान्य

उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव के लिए पार्षदों और सभासदों की आरक्षण सूची जारी सोमवार को नगर विकास विभाग ने मेयर पद के आरक्षण की स्थिति भी स्पष्ट की वाराणसी में इस बार मेयर का पद अनारक्षित जनरल कैटेगरी के लिए रखा गया है। इससे पहले वर्ष 2017 में वाराणसी के मेयर का पद पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था

इसके अलावा वाराणसी की नगर पंचायत गंगापुर के अध्यक्ष का पद भी अनारक्षित किया गया है। मेयर और नगर पंचायत के अध्यक्ष पद की आरक्षण सूची को लेकर आगामी 12 दिसंबर की शाम 6 बजे तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके लिए लखनऊ स्थित बापू भवन में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को संबोधित करते हुए अपनी आपत्ति देनी होगी।

वर्ष 1995 से है भाजपा का हैं कब्जा

वाराणसी में मेयर पद पर वर्ष 1995 से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। यहां वर्ष 1995 से 2000 तक भाजपा की सरोज सिंह मेयर रहीं। फिर, भाजपा के अमरनाथ यादव, कौशलेंद्र सिंह और रामगोपाल मोहले मेयर चुने गए।

वर्ष 2017 में भाजपा की मृदुला जायसवाल मेयर चुनी गईं। खास बात यह भी है कि भाजपा ने अपने किसी भी मेयर को दूसरी बार नगर निकाय चुनाव में किस्मत आजमाने का अवसर नहीं दिया।

Share this news