बावला सम्मान से नवाजे गए साहित्यकार डॉ. आर.एन तिवारी

संवाददाता सुनील यादव की रिपोर्ट

गाजीपुर। पीजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में कार्यरत प्रोफ़ेसर डॉ. आरएन तिवारी को पिछले दिनों गोरखपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में बावला सम्मान से नवाजा गया। उक्त कार्यक्रम का आयोजन गोरखपुर के राप्ती नगर में भागीरथी सांस्कृतिक मंच के द्वारा किया गया । इस संस्था के द्वारा भोजपुरी भाषा में लोक गायन संगीत रचनाएं, एवं भोजपुरी विकास में योगदान करने वाले साहित्यकारों कलाकारों आदि को रामजियावन दास बावला सम्मान से पुरस्कृत किया जाता है।
बताते चलें कि डॉ. तिवारी ने देश-विदेश के कई विश्वविद्यालयों में अपनी रचना का लोहा मनवा चुके हैं।
भोजपुरी संगीत में उनकी रचनाएं, दर्द भरा निर्गुण गीत- सुगना हेराइल ए राम, कवन दिहीं गारी,,,
सतलचिया देवी पचरा काफी लोकप्रिय है।
इस सम्मान को मिलने पर श्री तिवारी को कई बुद्धिजीवियों समेत उनके चाहने वालों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. तिवारी भोजपुरी के विकास में निरंतर अपने योगदान की प्रतिबद्धता को दोहराया।

कौन है बावला: रामजियावन दास बावला का जन्म उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के भीषमपुर नामक गांव में 1922 में हुआ था। श्री बावला की कई रचनाएं आकाशवाणी सहित देश के कई बड़े पदों पर सुनी जा चुकी हैं।
इनकी कई लोकगीत की पुस्तकें काफी लोकप्रिय हैं। इसलिए इन्हें भोजपुरी का तुलसीदास भी कहा जाता है।

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