पूर्वांचल में आया भूचाल सपा के बाहुबली ने छोड़ा दामन आखिर क्या है कारण

गाजीपुर।सुशील तिवारी की रिपोर्ट पूर्वांचल में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सपा के दिग्गज नेता और बाहुबली के रूप में अपनी पहचान कायम करने वाले हैं और अपने समय में सांसद होते हुए गाजीपुर को विकास के रथ पर ले जाने वाले राधे मोहन सिंह की पार्टी से हटने से मचा हड़कंप समाजवादी पार्टी को गाजीपुर जिले में माफिया एवं गुंडा राज द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसे गाजीपुर की पूरी जनता जान रही है। आप लोगों के माध्यम से मुझे गाजीपुर के सभी समाजवादियों को यह बताना है कि प्रारंभ से लेकर 2022 तक पार्टी को मैने मां का दर्जा दिया और अब तक मेरा पूरालोग यही चर्चा कर रहे थे की राधे मोहन सिंह को सम्मान नहीं दिया गया राजनैतिक जीवन समाजवादी पार्टी के साथ रहा है। लेकिन आज मैं समाजवादी पार्टी से त्यागपत्र दे रहा हूं। यह बातें शास्त्रीनगर स्थित अपने आवास पर बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि 2014-17 और 19 तक के चुनाव में मैने पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी रखी और इस बात को दावे के साथ कह सकता हूं कि पूरे जनपद में आपको कोई भी ऐसा नहीं मिलेगा, जो मेरी निष्ठा पर संदेह करें। मैने 2021 में जिला पंचायत का टिकट मांगा, वह भी इसलिए कि वह चुनाव एक ऐसे परिवार के विरुद्ध, जिससे गाजीपुर में किसी की ऐसी हैसियत नहीं है कि कोई लड़ सके, लेकिन यही अफजाल अंसारी ने सपना सिंह को जीताने के लिए ओमप्रकाश राजभर (रा.अ.सु.भा.स.पा.) को भेजा एवं मुस्लिम गांवों में अपने शार्गिदों को भेजकर जिला पंचायत चुनाव में प्रचार कराया। मेरी ताकत और क्षमता यह भी थी कि स्व. तेजबहादुर सिंह को लेकर पूरा परिवार हास्पिटल में था, तब महज 31 वोटों से हारा नहीं, हराया गया हूं, जिसका न्याय न्यायालय करेगा। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े भाई जो एक समाजसेवी थे, जिनको उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए नामित किया गया, उनके निधन के उपरांत शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पार्टी का कोई व्यक्ति नहीं आया। कहा कि 9 अप्रैल को एमएलसी का जो चुनाव हो रहा है और जिस जिले ने आपको सात विधायक दिए गए और साथ में अफजाल अंसारी है तो यह चुनाव उसी तरह का हो रहा है, जैसे जिला पंचायत का हुआ था। समाजवादी पार्टी के निष्ठानवान एवं गरीब कार्यकर्ता (प्रधान, बीडीसी) चंदा लगाकर व निःशुल्क वोट दे रहे हैं। वहीं आपका जिला नेतृत्व क्या कर रहा है, इसका पता 12 अप्रैल को चल जाएगा। कहा कि हमारी पत्नी को जिला पंचायत का टिकट पार्टी ने क्यों नहीं दिया। अगर आप इस मामले में कोई कार्यवाही किए होते तो शायद मैं भी बिना पद के पार्टी में रहता, लेकिन आपको जिसके ऊपर कार्यवाही करनी थी, उन लोगों को सम्मानित करने का काम किया। इन समस्त बिंदुओं पर ध्यान देने से मुझे ऐसा लग रहा है कि शायद आपको तथा आपकी पार्टी को अब मेरी जरूरत नहीं है।यह सपा के लिए बहुत बड़ी आघात करने वाली खबर है और किससे पार्टी में अंदरूनी झगड़े की बात सामने आ रही है कि राधे मोहन सिंह को सम्मान नहीं दिया जा रहा है

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